विंड एनर्जी कंपनी Suzlon Energy के शेयर पिछले कुछ दिनों से गिरावट में हैं। नतीजों से पहले शेयर में आई इस गिरावट के बाद कुछ एक्सपर्ट इसे निवेश के लिए देखने का समय बता रहे हैं। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 29 अक्टूबर 2026 को होनी है। इस बैठक में 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छह महीने के वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा।
शेयर लगातार चार दिन से गिरावट में
सुजलॉन एनर्जी का शेयर 23 अक्टूबर 2026 को NSE पर 37.40 रुपये पर बंद हुआ। यह पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले 1.17 रुपये यानी 3.03 फीसदी कम था। 22 अक्टूबर को शेयर 38.57 रुपये पर बंद हुआ था। इस तरह शेयर लगातार चार कारोबारी सत्रों से गिरावट में है।
19 अक्टूबर को शेयर 40.38 रुपये पर बंद हुआ था। 23 अक्टूबर के बंद भाव के हिसाब से इस अवधि में शेयर में करीब 7.38 फीसदी की गिरावट आई है। शेयर का 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर 36.31 रुपये है, जो 9 अक्टूबर 2026 को बना था। 23 अक्टूबर के भाव के हिसाब से शेयर इस न्यूनतम स्तर से करीब 3 फीसदी ऊपर है।
एक्सपर्ट क्यों दे रहे हैं निवेश का सुझाव
एक ब्रोकरेज के अनुसार सुजलॉन के शेयर में Q2 FY27 में करीब 690 MW की डिलीवरी और 16.6 फीसदी EBITDA मार्जिन का अनुमान लगाया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी छमाही में कंपनी की डिलीवरी तेज हो सकती है।
तकनीकी विश्लेषक की राय में शेयर में 42 रुपये और उसके बाद 46 रुपये के स्तर तक उछाल की संभावना बताई गई है। वहीं 35 रुपये को स्टॉप लॉस के तौर पर देखा गया है।
Q1 FY27 में कैसा रहा प्रदर्शन
सुजलॉन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंसोलिडेटेड आय करीब 3,829 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा करीब 305 करोड़ रुपये दर्ज किया था। कंपनी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया था कि Q1 FY27 में आय पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 23 फीसदी बढ़ी और कंपनी की डिलीवरी पहली तिमाही में अब तक की सबसे अच्छी रही।
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हालांकि, Q2 FY27 के नतीजे अभी नहीं आए हैं। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि कंपनी का मुनाफा बढ़ेगा या घटेगा। निवेशकों को नतीजों में MW डिलीवरी, आय, EBITDA मार्जिन, नया ऑर्डर और कामकाज की गति पर ध्यान देना चाहिए।
ऑर्डर बुक और कारोबार पर नजर
बाजार की कुछ रिपोर्ट्स में सुजलॉन का ऑर्डर बुक करीब 5.9 से 6.1 GW बताया गया है। यह आंकड़ा Q1 FY27 के अंत की स्थिति से जुड़ा बताया जा रहा है। ऑर्डर बुक बताती है कि कंपनी के पास कितना काम मिला हुआ है, लेकिन इसका पूरा फायदा तभी दिखेगा जब कंपनी समय पर डिलीवरी करे और मार्जिन बनाए रखे।
ट्रेडिंग विंडो 31 अक्टूबर तक बंद
कंपनी ने बताया है कि 1 से 31 अक्टूबर 2026 तक ट्रेडिंग विंडो बंद रहेगी। इसका मतलब है कि इस दौरान कंपनी से जुड़े कुछ खास लोग अपने शेयर नहीं बेच या खरीद सकते। नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद यानी 1 नवंबर 2026 से ट्रेडिंग विंडो फिर खुलने की बात कही गई है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश से पहले अपना शोध करें या SEBI-registered investment adviser से सलाह लें।





