Nuclear Opportunity : भारत सरकार ने 2047 तक देश में परमाणु ऊर्जा क्षमता को बढ़ाकर 100 GW करने का लक्ष्य रखा है। इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब $214 बिलियन, यानी लगभग ₹20 लाख करोड़ के निवेश की जरूरत पड़ सकती है। इसी वजह से न्यूक्लियर पावर सेक्टर से जुड़ी कंपनियां जिसमे Bharat Heavy Electricals Limited और TARIL प्रमुख मानी जा रहीं है इनपर निवेशकों का ध्यान देना चाहिए.
सरकार का Nuclear Energy Mission
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में Nuclear Energy Mission for Viksit Bharat की घोषणा की थी। इसके लिए ₹20,000 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिसका मुख्य फोकस Small Modular Reactors यानी SMR तकनीक पर है। सरकार का लक्ष्य है कि 2033 तक कम-से-कम पांच स्वदेशी तकनीक वाले SMR चालू हों।
Bharat Heavy Electricals Limited
Bharat Heavy Electricals Limited यानी BHEL परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में पहले से काम कर रही कंपनी है। कंपनी nuclear steam turbine और generator जैसे उपकरणों की आपूर्ति से जुड़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, BHEL का न्यूक्लियर ऑर्डर बुक करीब ₹12,000 से ₹12,800 करोड़ के बीच बताया गया है।
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BHEL की Q2 FY27 रिवेन्यू लगभग ₹9,300 करोड़ बताई गई है, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 24 फीसदी ज्यादा है। यह आंकड़ा कंपनी की रिपोर्ट पर आधारित है और इसे ऑर्डर बुक से अलग समझना जरूरी है। ऑर्डर बुक वह काम है जो अभी पूरा नहीं हुआ है, जबकि रिवेन्यू वह आय है जो असल में कमाई जा चुकी है।
TARIL की न्यूक्लियर सेक्टर में एंट्री
Transformers and Rectifiers India Limited यानी TARIL ने अगस्त 2026 में पहली बार न्यूक्लियर पावर सेक्टर में ऑर्डर हासिल किया। कंपनी को NPCIL के कर्नाटक स्थित Kaiga Units 5 और 6 प्रोजेक्ट के लिए generator transformers की आपूर्ति का काम मिला है।
यह ऑर्डर सीधे NPCIL से नहीं, बल्कि इस प्रोजेक्ट के EPC कॉन्ट्रैक्टर MEIL के जरिए मिला है। Kaiga Units 5 और 6 मिलाकर 1,400 MW की नई परमाणु क्षमता जोड़ेंगे। यह TARIL के लिए एक नया कारोबारी मौका है, लेकिन इसका दायरा generator transformers तक सीमित है;
TARIL का ऑर्डर
TARIL का Q1 FY27 में unexecuted order book लगभग ₹6,630 करोड़ बताया गया था। Q2 FY27 में यह आंकड़ा बढ़कर करीब ₹7,237 करोड़ हो गया। यह कंपनी द्वारा बताया गया ऑर्डर बुक है, कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब ₹3,200 करोड़ की consolidated revenue का अनुमान दिया है। प्रबंधन ने EBITDA margin लगभग 16 फीसदी और PAT margin 9 से 10 फीसदी के बीच रहने की बात कही है।
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दोनों कंपनियों में अंतर
BHEL का न्यूक्लियर कारोबार पुराना और बड़े पैमाने का है। कंपनी turbine-generator और अन्य भारी उपकरणों की आपूर्ति में शामिल है। इसके सामने मुख्य चुनौती यह है कि बड़े ऑर्डर बुक को समय पर रिवेन्यू और मुनाफे में बदलना है। TARIL का न्यूक्लियर एक्सपोजर अभी नया है। कंपनी को Kaiga प्रोजेक्ट के लिए generator transformers का काम मिला है, जिससे उसे आगे इस सेक्टर में दोबारा ऑर्डर मिलने की संभावना बन सकती है।
आगे क्या देखना चाहिए
BHEL की आगामी तिमाही रिपोर्ट, नया ऑर्डर इनफ्लो, न्यूक्लियर ऑर्डर बुक और execution progress देखने वाली मुख्य बातें हैं। TARIL में Kaiga ऑर्डर की डिलीवरी, नए न्यूक्लियर ऑर्डर, ऑर्डर बुक की ग्रोथ और मार्जिन पर नजर रखनी चाहिए।
सरकार की Nuclear Energy Mission, ₹20,000 करोड़ का SMR आवंटन और 100 GW का लंबे समय का लक्ष्य इस सेक्टर के लिए बड़ा सपोर्ट है। लेकिन कंपनी के शेयर का भविष्य तय करने में नीति के साथ-साथ ऑर्डर, रिवेन्यू, मुनाफा और execution भी उतने ही अहम होंगे।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश से पहले अपना शोध करें या SEBI-registered investment adviser से सलाह लें।






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