Yes Bank के शेयर पर AT1 बॉन्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बड़े ब्रोकरेज ने अपने टारगेट प्राइस जारी किए हैं। Morgan Stanley ने बैंक के शेयर पर Underweight रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹17 का टारगेट प्राइस दिया है। वहीं Citi ने Sell रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹22 से घटाकर ₹17.50 कर दिया है। दोनों ब्रोकरेज के टारगेट 16 अक्टूबर 2026 को सामने आए।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या है
15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने Yes Bank के ₹8,415 करोड़ के AT1 बॉन्ड write-down को रद्द करने वाले Bombay High Court के फैसले को बरकरार रखा। इस फैसले में Yes Bank, Reserve Bank of India और केंद्र सरकार की अपीलें खारिज हो गईं। Yes Bank ने 16 अक्टूबर 2026 को NSE को दी गई सूचना में बताया कि वह फैसले की प्रति, वित्तीय प्रभाव और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की जांच कर रहा है। कोर्ट ने ₹8,415 करोड़ की तुरंत नकद वापसी का आदेश नहीं दिया है और पिछले coupons पर होने वाली जिम्मेदारी को भी अभी तय नहीं किया है।
AT1 बॉन्ड का मामला क्यों अहम है
AT1 बॉन्ड बैंकों के लिए Additional Tier-1 capital का काम करते हैं। ये बॉन्ड आम डिपॉजिट या साधारण बॉन्ड से अलग होते हैं और इनमें जोखिम ज्यादा माना जाता है। मार्च 2020 में Yes Bank के पुनर्निर्माण के दौरान ₹8,415 करोड़ के AT1 बॉन्ड write-down किए गए थे। Bombay High Court ने जनवरी 2023 में इस write-down को रद्द कर दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने उसी फैसले को बरकरार रखा है, जिससे AT1 बॉन्डधारकों को राहत मिली है, लेकिन बैंक के सामने capital और वित्तीय असर का सवाल खड़ा हो गया है।
बैंक के कैपिटल पर क्या असर बताया
Yes Bank ने अपनी NSE filing में बताया कि 30 जून 2026 तक के pro-forma आधार पर CET1 ratio में लगभग 250 basis points यानी 2.50 प्रतिशत अंक की कमी आ सकती है। बैंक का कहना है कि कुल Tier-1 capital ratio 14 प्रतिशत पर बना रह सकता है। यह बैंक का बताया हुआ pro-forma अनुमान है, अंतिम घोषित प्रभाव नहीं। इसी वजह से Morgan Stanley और Citi ने बैंक के capital position और book value पर चिंता जताई है। Citi के अनुसार इस फैसले से बैंक की book value 13 से 14 प्रतिशत तक गिर सकती है।
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YES BANK Q2 FY27
17 अक्टूबर 2026 को Yes Bank ने सितंबर 2026 तक की तिमाही, यानी Q2 FY27 के नतीजे जारी किए। इस तिमाही में बैंक का standalone शुद्ध लाभ ₹1,080 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 65 प्रतिशत बढ़ा। Consolidated शुद्ध लाभ ₹1,084.08 करोड़ रहा। तिमाही में बैंक की ब्याज आय ₹2,822 करोड़ और operating profit ₹1,678 करोड़ रही। लेकिन बैंक ने साफ किया कि इन नतीजों में AT1 फैसले का संभावित वित्तीय असर शामिल नहीं किया गया है। बैंक के pro-forma अनुमान के अनुसार अगर यह असर शामिल होता, तो Q2 में शुद्ध नुकसान ₹5,217 करोड़ और छह महीने में ₹4,146 करोड़ होता।
शेयर की कीमत में आई गिरावट
AT1 फैसले के बाद Yes Bank के शेयर में तेज गिरावट आई। 15 अक्टूबर 2026 को NSE पर शेयर ₹18.12 पर 14.53 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। 16 अक्टूबर 2026 को शेयर ₹17.50 पर 3.42 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। 12 अक्टूबर 2026 को शेयर ₹20.44 पर बंद हुआ था। 12 से 16 अक्टूबर के बीच बंद भाव के आधार पर शेयर में लगभग 14.38 प्रतिशत की गिरावट दिखी। यह गणना केवल बंद भाव पर आधारित है और इसमें डिविडेंड शामिल नहीं है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश से पहले अपना शोध करें या SEBI-registered investment adviser से सलाह लें।






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