Adani Ports का शेयर 2027, 2028, 2029 और 2030 तक कितना बढ़ सकता है? इस शेयर पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए जेफरीज ने ₹2,160 का टारगेट दिया है। कंपनी भी अपना कारोबार बढ़ा रही है और दिसंबर 2030 तक सालाना करीब 100 करोड़ टन माल संभालने का लक्ष्य लेकर चल रही है। FY26 में यह आँकड़ा करीब 50 करोड़ टन था। यानी कंपनी अगले कुछ वर्षों में माल ढुलाई लगभग दोगुनी करना चाहती है।
ब्रोकरेज का लक्ष्य?
NSE के उपलब्ध डेटा के मुताबिक, 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:05 बजे Adani Ports का शेयर ₹1,734.60 पर कारोबार कर रहा था। पिछले कारोबारी सत्र में शेयर ₹1,702.70 पर बंद हुआ था। सुबह के इस भाव से ₹2,160 का ब्रोकरेज लक्ष्य करीब 24.52% ऊपर है।
Adani Ports Share Price Target 2027–2030
| वित्त वर्ष | अनुमानित EPS | 27 गुना पर भाव | टारगेट |
|---|---|---|---|
| FY2027 | ₹64 | ₹1,728 | ₹1,730 |
| FY2028 | ₹74 | ₹1,998 | ₹2,000 |
| FY2029 | ₹85 | ₹2,295 | ₹2,300 |
| FY2030 | ₹98 | ₹2,646 | ₹2,650 |
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जून तिमाही में ₹3,650 करोड़ का मुनाफा
जून 2026 में समाप्त पहली तिमाही में कंपनी का समूह स्तर पर रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹10,821 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹9,126 करोड़ था। इसी दौरान टैक्स के बाद मुनाफा ₹3,311 करोड़ से बढ़कर ₹3,650 करोड़ हो गया। यानी रेवेन्यू में 19% बढ़ोतरी के मुकाबले मुनाफा करीब 10% बढ़ा। कंपनी ने ये नतीजे 29 जुलाई को जारी किए थे।
पूरे वित्त वर्ष में ₹45,000 करोड़ तक रेवेन्यू का अनुमान
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए ₹43,000–45,000 करोड़ रेवेन्यू का अनुमान रखा है। जुलाई की परिणाम घोषणा में भी यह अनुमान बरकरार था। तुलना के लिए वित्त वर्ष 2025–26 में रेवेन्यू ₹38,736 करोड़ और टैक्स के बाद मुनाफा ₹12,782 करोड़ रहा था। अप्रैल की घोषणा के मुताबिक, कंपनी ने FY27 में कारोबार के विस्तार पर ₹12,000–14,000 करोड़ खर्च करने की योजना भी रखी थी।
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2030 तक 1 अरब टन माल संभालने का प्लान
Adani Ports ने FY26 में 500.8 मिलियन मीट्रिक टन, यानी करीब 50.08 करोड़ टन माल संभाला था। अब प्रबंधन का लक्ष्य दिसंबर 2030 तक इसे सालाना 1 अरब टन तक पहुंचाना है। इसका मतलब FY26 के स्तर से माल ढुलाई लगभग दोगुनी करने की तैयारी है। इस योजना के साथ कंपनी ने घरेलू पोर्ट की क्षमता भी जून 2026 के 653 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़ाकर दिसंबर 2030 तक 1,000 मिलियन मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा है।
विदेशी पोर्ट से ₹1,747 करोड़ का रेवेन्यू
पहली तिमाही में कंपनी के विदेशी पोर्ट कारोबार का रेवेन्यू ₹1,747 करोड़ रहा। इसमें ऑस्ट्रेलिया के NQXT का योगदान शामिल है, जिसे FY26 की चौथी तिमाही से समूह के खातों में जोड़ा गया। कोलंबो पोर्ट कारोबार का विस्तार भी कंपनी की अंतरराष्ट्रीय योजना का हिस्सा है। हालांकि, सभी कारोबारों में एक जैसी तेजी नहीं रही। जून तिमाही में लॉजिस्टिक्स कारोबार का रेवेन्यू केवल 0.3% बढ़ा था।
घरेलू माल ढुलाई के मुकाबले रेवेन्यू तेजी से बढ़ा
जून तिमाही में घरेलू पोर्ट पर संभाला गया माल 112.9 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर 115.3 मिलियन मीट्रिक टन रहा। इसके मुकाबले घरेलू पोर्ट कारोबार का रेवेन्यू 12% बढ़ा। कंपनी के मुताबिक, अलग-अलग तरह के माल का बेहतर मेल और प्रति टन ज्यादा कमाई ने रेवेन्यू को सहारा दिया। यानी कमाई की बढ़ोतरी में सिर्फ ज्यादा माल संभालना ही नहीं, उस माल से मिलने वाली रकम भी महत्वपूर्ण रही।
28 अक्टूबर की प्रस्तावित बैठक पर नजर
कंपनी के निवेशक कैलेंडर में सितंबर तिमाही के नतीजों की बोर्ड बैठक 28 अक्टूबर 2026 के लिए प्रस्तावित है। पिछला पूरा वित्त वर्ष कुछ मिले-जुले आँकड़ों के साथ समाप्त हुआ था। FY26 में माल ढुलाई 500.8 मिलियन मीट्रिक टन रही, जबकि कंपनी का अनुमान 505–515 मिलियन मीट्रिक टन था। वहीं, विस्तार पर खर्च ₹15,320 करोड़ रहा, जो ₹11,000–12,000 करोड़ के पहले अनुमान से अधिक था।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश से पहले अपना शोध करें या SEBI-registered investment adviser से सलाह लें।





