Infra Sector का यह शेयर दे सकता है बड़ा रिटर्न! ₹69 का टारगेट….

Infra Sector : भारत की अग्रणी टोल रोड कंसैशनर कंपनियों में से एक है, जो नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे के निर्माण और संचालन का काम करती है। कंपनी का बिजनेस मॉडल टोल कलेक्शन और इनविट स्ट्रक्चर के माध्यम से स्थिर कैश फ्लो पर आधारित है, जो लंबे समय तक आय की संभावना देता है।

हालिया टोल राजस्व और ग्रोथ के आंकड़े

फरवरी 2026 में आईआरबी ग्रुप (Irb Infrastructure, IRB InvIT Fund और IRB Infrastructure Trust सहित) का कुल टोल राजस्व सालाना आधार पर लगभग 22 प्रतिशत बढ़कर 746 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो फरवरी 2025 में 614 करोड़ रुपये था। यह उछाल ट्रैफिक ग्रोथ और नए टोल एसेट्स के जुड़ने की वजह से आया है, जिससे कंपनी की ऑपरेशनल स्ट्रेंथ और कैश जेनरेशन क्षमता स्पष्ट होती है। कंपनी प्रबंधन के अनुसार नए TOT-17 कॉरिडोर से कलेक्शन उनकी बिड अनुमान के अनुरूप रहा है और आगे भी टोलिंग शुरू होने वाले नए एसेट्स से राजस्व में और तेजी की उम्मीद है।

Read More : Ircon International Share Price Target 2026, 2028, 2030, 2032, 2034, 2035…

Irb Infrastructure शेयर प्राइस परफॉर्मेंस

शुक्रवार के कारोबारी सत्र में Irb Infrastructure का शेयर 40.38 रुपये के पिछले क्लोज से उछलकर 40.99 रुपये के इंट्रा-डे स्तर तक गया और 40.80 रुपये पर क्लोज हुआ, जो एक दिन में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दिखाता है। ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए ने इस शेयर पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखते हुए प्रति शेयर 69 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, यानी मौजूदा लेवल से करीब 65 प्रतिशत की संभावित अपसाइड का अनुमान लगाया गया है। सीएलएसए का मानना है कि आईआरबी का टोलिंग बिजनेस भारत के सबसे बड़े टोल प्लेटफॉर्म पर 11 प्रतिशत सालाना ग्रोथ के साथ उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

​Read More : निवेशकों के लिए बड़ा मौका! ₹200 से कम का स्टॉक 5 टुकड़ों में बंटेगा, 1:1 Bonus भी…

डेट रिडक्शन प्लान और भविष्य की रणनीति

Irb Infrastructure ने वित्त वर्ष 2030 तक की पांच साल की योजना के तहत अगले तीन साल में अपना एसेट बेस लगभग 75 प्रतिशत तक बढ़ाने और नेट डेब्ट फ्री यानी कर्ज मुक्त होने का लक्ष्य रखा है, जिससे बैलेंस शीट और मजबूत होने की संभावना है। हाल ही में आईआरबी ने अपने गनदेवा–एना (VM7) HAM प्रोजेक्ट को IRB InvIT Fund को ट्रांसफर करके करीब 513 करोड़ रुपये नकद प्राप्त किए हैं और इस सौदे से कंसॉलिडेटेड कर्ज में लगभग 700 करोड़ रुपये की कमी आने की उम्मीद है, जो कंपनी की कैपिटल रीसाइक्लिंग स्ट्रैटेजी को मजबूत संकेत देता है। इन कदमों से कंपनी को नए हाईवे प्रोजेक्ट्स में आक्रामक बोली लगाने और इंफ्रा साइकल के अपसाइड का लाभ उठाने की बेहतर स्थिति मिल सकती है।

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।​

Leave a Comment