Budget 2026 : सोलर, बैटर और ई-मोबिलिटी पर फोकस, निवेशकों की नजर…

Budget 2026 ने ग्रीन एनर्जी पर सरकार का ध्यान और तेज कर दिया है, खासकर सोलर, बैटरी और ई-मोबिलिटी सेक्टर में नए मौके बनते दिख रहे हैं। यह फोकस अगले कुछ सालों में इन तीनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश और रोज़गार सृजन का आधार तैयार कर रहा है।​

Budget 2026 में सोलर सेक्टर का फोकस

सरकार ने Budget 2026 में रिन्यूएबल एनर्जी और खास तौर पर रूफटॉप सोलर के लिए फंडिंग बढ़ाई है, जिससे घरेलू और MSME सेगमेंट में इंस्टॉलेशन तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। 2025 की पहली छमाही में ही भारत ने लगभग 4.9 GW नया रूफटॉप सोलर जोड़ा और कुल रूफटॉप क्षमता करीब 30.5 GW तक पहुंच चुकी है, जो तेज मांग का संकेत है।

सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 GW रिन्यूएबल कैपेसिटी और करीब 110 GW से ज्यादा कुल सोलर इंस्टॉल्ड कैपेसिटी ने इस बजट में सोलर मैन्युफैक्चरिंग और प्रोजेक्ट डेवलपमेंट दोनों को प्रोत्साहन दिया है।

घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग और नई स्कीमें

Budget 2026 में नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन के तहत सोलर सेल और मॉड्यूल को प्रायोरिटी क्लीन-टेक सेक्टर में रखा गया है, जिससे देश में पूरी वैल्यू चेन खड़ी करने पर जोर है। ड्यूटी स्ट्रक्चर को आसान बनाकर सोलर मॉड्यूल पर प्रभावी कस्टम ड्यूटी करीब 20% तक लाई गई है और सोलर ग्लास में इस्तेमाल होने वाले इम्पोर्टेड इनपुट पर ड्यूटी हटाई गई है, ताकि लोकल प्रोडक्शन की लागत घटे।

बजट में PLI स्कीम का अलोकेशन बढ़ाकर लगभग 24,000 करोड़ रुपये किया गया है, जिससे 65 GW तक इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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बैटरी एनर्जी स्टोरेज और मैन्युफैक्चरिंग

बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को ग्रिड बैलेंसिंग और शाम के पीक लोड मैनेजमेंट के लिए अहम इंफ्रास्ट्रक्चर माना गया है, इसलिए लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट बढ़ाई गई है।

बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए 35 नई कैपिटल गुड्स को ड्यूटी-फ्री लिस्ट में जोड़ने से घरेलू फैक्ट्रियों की सेटअप कॉस्ट कम होने की उम्मीद है और इंडस्ट्री अनुमान लगा रही है कि बैटरी स्टोरेज क्षमता 2025 के 507 MWh से 2026 के अंत तक लगभग 5 GWh तक जा सकती है। एक अलग रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में भारत की कुल EV बैटरी मांग करीब 13 GWh रही, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर सेगमेंट का रहा, जो आगे की ग्रोथ पोटेंशियल दिखाता है।​

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ई-मोबिलिटी, EV सेल्स और नीतिगत सपोर्ट

Budget 2026 ने ई-मोबिलिटी में डायरेक्ट कंज्यूमर सब्सिडी की बजाय मैन्युफैक्चरिंग, क्रिटिकल मिनरल्स और सप्लाई चेन पर फोकस किया है। 2016 में लगभग 50,000 यूनिट से बढ़कर 2024 में भारत की EV सेल्स करीब 20.8 लाख यूनिट तक पहुंच चुकी हैं,

जिससे भारत दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते EV मार्केट्स में शामिल हो गया है। EV मार्केट में टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट लीड कर रहे हैं और 2024 में कुल वाहन बिक्री में EV की हिस्सेदारी लगभग 6% तक पहुंची है, जिसे बैटरी मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव, ड्यूटी रियायत और नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन जैसे कदमों से और तेज़ी देने की तैयारी है

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।​

लेखक परिचय

Ak Bhardwaj

AK Bhardwaj is the Founder and Chief Author of the website, with approximately 8 years of experience in media and journalism. He specializes in stock market news, business, personal finance, commodity markets, IPOs, and government schemes. He holds a Bachelor of Arts (Honours) from Banaras Hindu University (BHU), Varanasi, and a Diploma in Journalism from Jamia Millia Islamia, New Delhi. His mission is to deliver accurate, clear, and reader-friendly financial and business content.

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