Cigarette Price : सिगरेट की कीमतों में बढ़ोतरी होते ही सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। बजट 2026 में एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बाद कंपनियों ने तुरंत प्राइस हाइक लागू किया, जिसका सीधा असर स्टॉक पर दिखा।
Godfrey Phillips के शेयर में 12% तक तेजी
Godfrey Phillips India के शेयर में सिगरेट की कीमतें बढ़ने के बाद एक ही दिन में करीब 11–12 फीसदी तक तेज उछाल दर्ज किया गया। CNBC Awaaz की रिपोर्ट के अनुसार शेयर 239.30 रुपये चढ़कर लगभग 2,305 रुपये के आसपास पहुंच गया, जबकि कुछ समय पहले यह 2,000 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था। पिछले 5 दिनों में यह स्टॉक करीब 8–9 फीसदी तक चढ़ा, जबकि 1 महीने में भी इसमें लगभग 5 फीसदी की तेजी देखने को मिली। हालांकि बीते 6 महीनों में इसमें करीब 28 फीसदी गिरावट रही थी, इसलिए हाल की तेजी को शॉर्ट टर्म रिलीफ रैली भी माना जा रहा है।
ITC जैसे बड़े प्लेयर पर भी पॉजिटिव असर
सिगरेट मार्केट के दिग्गज ITC के शेयर पर भी प्राइस हाइक का पॉजिटिव इम्पैक्ट दिखा। ITC का शेयर लगभग 1.5 फीसदी उछल कर 330 रुपये के करीब पहुंच गया और 5 दिनों में लगभग 3.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। हालांकि 6 महीने और साल-दर-साल के आधार पर ITC में अभी भी लगभग 18–19 फीसदी तक गिरावट बनी हुई है, लेकिन प्राइस हाइक की खबर के बाद शॉर्ट टर्म में सेंटिमेंट सुधरा है।
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Budget 2026 में एक्साइज ड्यूटी और नई रेट
बजट 2026 में सरकार ने सिगरेट पर एक्साइज और सेस में तेज बढ़ोतरी की, जिससे ज्यादातर कैटेगरी में टैक्स रियल टर्म्स में 60 फीसदी तक बढ़ा। नई ड्यूटी के अनुसार 1,000 सिगरेट स्टिक पर टैक्स रेंज लगभग 2,050 रुपये से 8,500 रुपये तक पहुंच गई, जो सिगरेट की लंबाई और फिल्टर टाइप पर निर्भर है। छोटी नॉन-फिल्टर सिगरेट (65 मिमी तक) पर लगभग 2.05 रुपये प्रति स्टिक, छोटी फिल्टर सिगरेट पर करीब 2.10 रुपये, मिड सेगमेंट पर लगभग 3.6–4 रुपये और लंबी सिगरेट पर करीब 5.4 रुपये प्रति स्टिक एक्साइज लग रहा है।
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कंपनियों ने कितनी बढ़ाई कीमतें
टैक्स का असर कंज्यूमर पर पास करने के लिए कंपनियों ने अलग-अलग ब्रांड और कैटेगरी में सिगरेट की कीमतें बढ़ा दीं। Godfrey Phillips ने Marlboro Compact की कीमत 9.5 रुपये प्रति स्टिक से बढ़ाकर 11.5 रुपये प्रति स्टिक कर दी, यानी हर सिगरेट पर 2 रुपये का इजाफा किया गया। ITC और अन्य मैन्युफैक्चरर ने भी अलग-अलग लंबाई और सेगमेंट में लगभग 15–20 फीसदी तक प्राइस हाइक की, ताकि एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बाद भी प्रति स्टिक EBIT में गिरावट सीमित रहे और मार्जिन लगभग 2 फीसदी के आसपास ही दबे, जबकि पहले 8–15 फीसदी गिरावट का अंदेशा था।
प्राइस हाइक से शेयर पर क्यों आया रॉकेट जैसा जोर
टैक्स बढ़ने के बाद मार्केट में डर था कि कंपनियों का प्रॉफिट मार्जिन बहुत ज्यादा गिर सकता है, लेकिन आक्रामक प्राइस हाइक से यह रिस्क काफी हद तक कंट्रोल हो गया। निवेशकों ने माना कि मजबूत ब्रांड और एडिक्टिव प्रोडक्ट होने की वजह से डिमांड में बड़ी गिरावट की संभावना कम है, इसलिए हाई टैक्स के बावजूद कंपनियां रेवेन्यू और मार्जिन बचा सकती हैं। यही वजह है कि Godfrey Phillips और ITC जैसे स्टॉक्स में सिगरेट महंगी होने की खबर के तुरंत बाद 8–12 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।







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